षड्यंत्र की जड़ें कितनी गहरी है

षड्यंत्र की जड़ें कितनी गहरी है। षड्यंत्र की जड़ें उतनी ही गहरी है जितना कि मेरा High स्कूल में पास होना उसके बाद मैंने ग्रेजुएशन 2001 में किया । मेरा father कभी नहीं चाहता था कि मैं किसी मामले मे उससे आगे निकलू। वह हमेशा ही मुझसे चिढ़ता रहा । मेरे व्यवहार से चढ़ता रहा। मेरी पर्सनालिटी से चिढ़ता रहा । उसी वजह से उसने मेरी शादी एक ऐसी जगह कर दी जो कि एक अनपढ़ गवार लड़की हो । शादी पूरी षड्यंत्र के साथ हुई । जिस औरत का आगमन हुआ वह औरत उसकी फैमिली सब के सब बहुत ही षड्यंत्रकारी थे। उनकी नजरें सीधे-सीधे मेरी प्रॉपर्टी पर थी। इस तरह से मेरे बाप ने और मेरी बीवी ने मिलकर साथ में मेरी मां को भी मिलाया तथा नेतराम तथा रजनी को मिलाकर पिछले 10-15 सालों से लगातार मेरे साथ षड्यंत्र करते रहे। उन लोगों मुझसे इतनी ज्यादा नफरत थी कि वह नहीं चाहते थे मेरे जीवन में कभी कुछ अच्छा हो । या मैं कभी खुश रहा हूं या मैं अच्छा जीवन व्यतीत करूं। उन्होंने दिल्ली मे भी जो रिलेशन थी ब्रेनवाश कर के सारे रिलेशन खत्म करा दिए । उसके बाद भी मेरी आंखें नहीं खुली अब जाकर जबकि सब कुछ खत्म हो चुका है तभी मुझे इस चीज का रिलाइजेशन हुआ।

Comments

Popular posts from this blog

In search of myself- desire

Relations, Nature,and Values.

In search of Myself-part 2