focus on reality
आखरी समय में नीति का व्यवहार सातवें आसमान पर था वह तो झगड़े की वजह से था या नफरत की वजह से या बाहरी सपोर्ट की वजह से।
उसने कहा कि तुम्हें अगर मुझ पर विश्वास नहीं तो दूर ही रहो रिश्ते में विश्वास का होना बहुत जरूरी है विश्वास तो होना ही चाहिए दूसरी चीज उसने कहा कि वह किसी के साथ रहना नहीं चाहती तो मुझे उसकी बात माननी चाहिए थी चाहे थोड़े समय के लिए पर मानना चाहिए था। अगर वह किसी साथ नहीं रहना चाहते कोई बात नहीं इस बात की इज्जत करो। पर बात तो की जा सकती है देखा तो जा सकता है उसके रिश्तेदारों से भी बात की जा सकती जम्मू में भी रहा जा सकता है नेचर साथ नहीं रखना चाहे कोई बात नहीं लेकिन उसे देखा भी जा सकता है बात भी की जा सकती है और जम्मू में तो रहा जा सकता है। उसने यह भी कहा था। कि वह समझ नहीं पा रही है उसे क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए किस पर विश्वास करना चाहिए किस में नहीं विश्वास करना चाहिए। अब वह मुझसे बात नहीं करना चाहती वह किसी भी आदमी पर ट्रस्ट नहीं करना चाहती। ऐसा क्यों था ऐसा ही इसलिए हुआ क्योंकि मेरी फैमिली के लोग जिस में शामिल है सुनीता कमला मदन लाल रजनी और नेतराम इन लोगों ने मिलकर उसका ब्रेनवाश कर दिया था। इस बात को गंभीरता से लिया जा सकता है ब्रेनवाश होना कोई छोटी घटना नहीं है यह एक बड़ी घटना है इससे इंसान फैसले लेने में असमर्थ हो जाता है। इस स्थिति में एक इंसान क्या कर सकता है या तो उसे जो एक्सपीरियंस है अभी तक का उसके हिसाब से आगे बढ़े। या फिर जो उसका दिल करना चाहता है वैसा करें । या फिर उसे सोचना चाहिए अगर एक इंसान के खिलाफ उसकी फैमिली के चार लोग हैं तो फैमिली केऔर लोग भी हैं जैसे चाचा ताऊ उनके बच्चे। अथवा उसके दोस्त । वह सब तो उसकी बुराई नहीं करते convergys मे जिसमें हम लोग एक ही टीम में थे । जितने भी मेरे दोस्त रहे हैं किसी से कोई झगड़ा तो मैंने नहीं किया और वह आज भी मेरे संपर्क में है। आज मेरे मित्र है। इसके अलावा गांव के लोग शहर के लोग वह सारे मेरे फेवर में है। फिर फैमिली मेरे अगेंस्ट में क्यों हो गई यह सब एक प्रॉपर्टी का ही लालच था । मेरी वाइफ ने व मेरी सिस्टर ने मिलकर उनको मेरे against कर दिया । उन्हें प्रॉपर्टी का लालच हो गया ऐसा फिल्मों में देखा जाता है कि कोई इंसान घर ना आए तो लोगों का लालच और ज्यादा बढ़ जाता है । वह सोचते हैं कि यह person कभी भी घर ना आए। वही दिल्ली में मर जाए या कुछ हो जाए ताकि घर ना आए और उसकी प्रॉपर्टी का वह अपने हिसाब से इस्तेमाल कर सकते हैं । ऐसा मेरे साथ भी हुआ हालांकि आगे तो वही होना था जो प्राकृतिक चाहती है। और फायदा यह हुआ कि pushpal को ऊपर वाला God, save करना चाहता था। तो उसके लिए एक घर का निर्माण गांव में कराया गया और वहां आराम से रहता है। तथा उस फैमिली को एक जो फॉर्मेलिटी थी तलाक देना वह मैं तलाक दे चुका हूं। एक तरह से मैंने अपने आप को भी बचा लिया है। बाद अब मैं दिल्ली आ चुका हूं । तथा अपनी जॉब शुरू कर चुका हूं ।
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