Time Incident
जो घटना जब घटित होनी थी घट गई वह अपने समय पर ही घटित हुई है उसको इसी समय पर घटित होना था उसका परिणाम भी आ चुका है परिणाम के बारे में सोचना जरूरी है पर बहुत ज्यादा सोचना जरूरी नहीं है क्योंकि परिणाम तो आ चुका है। उसे कुछ सीख लेना जरूरी है । पर बहुत ज्यादा सोचना जरूरी नहीं है । क्योंकि जब जो घटित होना तो घटित होता ही है। यह घटना संभवता 2016 में भी हो सकती थी तथा जब मैं दिल्ली आया 2006 उस समय ही सारे रिलेशन खत्म कर देना था। जो मेरे दुश्मन थे वह सब मेरे सामने आ गए । वह दुश्मन पहले भी थे । वह पहले भी सामने थे। दूसरा जो सीखने को मिला है वह यह है कि मेरे अपने व्यवहार में कुछ असंतुलन था व्यवहार संतुलित नहीं था मतलब जिन लोगों के लिए अच्छा व्यवहार होना चाहिए उनको नहीं समझ पाया और जिन लोगों के लिए बुरा व्यवहार होना चाहिए उनको नहीं समझ पाया इस प्रकार से व्यवहार में असंतुलन था संतुलित व्यवहार के लिए यह बहुत जरूरी है कि समय का इंतजार करें जिससे की चीजें सामने आए तो पहले चीजों को समझा जाए सोचा जाए समय का इंतजार किया जाए उसके बाद व्यवहार किया जाए तो इस तरह का व्यवहार संतुलित व्यवहार होता है।
Comments
Post a Comment