The unbalanced
बात यह है कि जिन लोगों ने हमेशा दुश्मनी रखी। और मुझे बर्बादी के इस मोड़ पर पहुंचाया और हमेशा मेरे साथ बुरा किया। और मैं कभी भी उनको अपना नहीं मानता था । मैंने सब कुछ छोड़ दिया कि चलो जाओ तुम अपनी जिंदगी जियो चैन से रहो मैं भले ही दिल्ली में रहकर परेशान हूं कितना भी परेशान हूं सारी मुसीबत में मैंने अपने ऊपर ले ली । और उनको उनके हाल पर छोड़ दिया वह आनंदमय जीवन जीते रहे । और मैं यहां दिल्ली परेशान रहता था। लेकिन ठीक इसके विपरीत जिस लड़की से संबंध जुड़े जिस से प्यार हुआ। उससे मैं हमेशा झगड़ा । ऐसी क्या बुद्धि भ्रष्ट थी कि । जिन से झगड़ना था अपना अधिकार लेना था उनसे नहीं झगड़ा । और जिस से बिल्कुल भी झगड़ना नहीं था किसी भी कीमत पर झगड़े का कोई मतलब नहीं है । क्यों झगड़ा उसका कोई मतलब आज तक समझ में नहीं आता है। मुझे यह तो बिल्कुल उल्टा दिमाग है। हालांकि मैं ऐसा नहीं हूं। मैं अपने आप को बुरा नही मानता हूं । मैं कभी दोस्तों से झगड़ा नहीं। पड़ोसियों से, ना ही गांव में किसी से झगड़ा । ऐसा क्या था सिर्फ इसी लड़की से क्यों झगड़ा। वह झगड़ा करती रहती कोई बात नहीं । मुझे इतना तो एक्सपीरियंस था और इतना मेरे को अनुभव भी था कि इससे तो नहीं झगड़ना। जब मिलना चाहती मिले। कोई बात नहीं दूर जाना चाहती । यह कुछ ऐसा था । कुछ ऐसी सोच थी ।जो झगड़ा करा रही थी। जल्दबाजी की सोच मुझे बिजनेस में भी नजर आई करियर में भी नजर आई। किसी कंपनी में काम करते, जो कंपनी जॉब देती। नौकरी छोड़ दी । कहीं दूसरी जगह चले गए। तो जो यह इंस्टेबिलिटी है। वह सही दिशा में नहीं है। ऊटपटांग है। उटपटांग सोच की वजह से स्टेबिलिटी नहीं है। जो बैलेंस नहीं है। कि किस जगह पर क्या काम करना है। वह काम नहीं करना है। किस चीज को एक्सेप्ट करना किस चीज को एक्सेप्ट नहीं करना है। अवॉइड करना है। बैलेंस नहीं है। अनबैलेंसड ही रहे तो किसी ने बताया कि गुरु का मार्ग अपनाना चाहिए । गुरु के बताए रास्ते चलो। एक सच्चा गुरु ढूंढो गुरु मंत्र। वह ईश्वर का मंत्र है । उसमें देवी देवता मदद करते हैं। आपको यह तो पता होना चाहिए । जो हित में वही करेंगे जो मैं नहीं तो वह क्यों करेंगे । गुरु जी मदद करें गुरु मंत्र मदद करेगा तो कब तक में सिद्धू पाऊंगा। यानी कि मुझे अगर सिद्ध होना है यह जीवन में जो भी गड़बड़ी। मेरे जीवन में सामने वाले के जीवन में भी गड़बड़ है ऐसा नहीं कि उसका जीवन गड़बड़ नहीं था। वह उसका भी जीवन जो है गड़बड़ी था। मैं भी गुरु की शरण में हूं। हम ही पता होना चाहिए कि हमारे लिए ठीक है। जी ठीक है उसी रास्ते पर चलना पड़ । आगे जाकर जो भी हो । तो यह बैलेंस जीवन में होना बहुत जरूरी है। शक्ति के द्वारा ही पॉसिबल है। कब तक सारी चीजें सामान्य होती हैं यह देखना पड़ेग।
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